फतेहपुर में बिजली विभाग की खुली लूट: घरेलू कनेक्शन के लिए 65 हजार की वसूली, फिर भी मीटर नहीं लगाया!

 


फतेहपुर में बिजली विभाग की खुली लूट: घरेलू कनेक्शन के लिए 65 हजार की वसूली, फिर भी मीटर नहीं लगाया!

फतेहपुर (Uttar Pradesh) – यूपी के फतेहपुर जिले में बिजली विभाग के अधिकारियों की कारगुजारियां फिर से उजागर हुई हैं। घरेलू बिजली कनेक्शन के नाम पर एक गरीब परिवार से 65,000 रुपये वसूल लिए गए, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी मीटर नहीं लगाया गया। जब उपभोक्ता ने हक की आवाज उठाई तो अधिकारियों ने धमकी देकर कनेक्शन काटने और एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी। मामला शांतिनगर पावर हाउस से जुड़ा है, जहां भ्रष्टाचार का यह खेल बेखौफ जारी है।

गरीब परिवार की मजबूरी बनी बिजली विभाग की कमाई का जरिया

फतेहपुर के कासिमपुर अजगवां गांव की रहने वाली गीता देवी ने अपने घर के लिए घरेलू बिजली कनेक्शन का आवेदन किया था। लेकिन विभाग ने नियमानुसार कनेक्शन देने के बजाय हर कदम पर रिश्वत वसूलने का काम किया।

रिश्वतखोरी की पूरी लिस्ट:

₹50,000 – JE छंगाराम को
₹15,000 – सर्वे करने आई टीम को
 ₹5,000 – लाइनमैन को
₹10,000 – मीटर लगाने के नाम पर और मांगे गए

इतनी मोटी रकम देने के बाद भी गीता देवी को मीटर नहीं मिला। 28 अक्टूबर 2024 को बिजली कनेक्शन जारी कर दिया गया, बिल भी आने लगा, लेकिन मीटर गायब रहा। जब उपभोक्ता ने इसकी मांग की, तो अधिकारियों ने 10,000 रुपये और मांगे

जब गीता देवी के बेटे रणवेंद्र कुमार ने इस भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, तो विभाग ने उल्टा उन्हें कनेक्शन काटने और एफआईआर दर्ज कराने की धमकी दी।

बिजली विभाग का दोहरा खेल: पहले रिश्वत लेकर कनेक्शन दिया, फिर अवैध बताकर डराने लगे

बिजली कनेक्शन के नियमों के अनुसार, 40 मीटर तक की दूरी पर सामान्य शुल्क में कनेक्शन दिया जाता है। लेकिन गीता देवी के घर से बिजली के खंभे की दूरी 200 मीटर से अधिक थी। पहले तो अधिकारियों ने इसका स्टीमेट बनाकर कनेक्शन देने की बात कही, लेकिन फिर रिश्वत लेकर सामान्य शुल्क में ही कनेक्शन जारी कर दिया। अब वही अधिकारी कह रहे हैं कि "कनेक्शन गलत तरीके से लगाया गया है और इसे काट दिया जाएगा।"

मुख्य अभियंता ने दिए जांच के आदेश, लेकिन अपने ही अधिकारियों पर भरोसा नहीं

जब यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो मुख्य अभियंता (वितरण) प्रयागराज अशोक कुमार ने JE छंगाराम के खिलाफ जांच बैठाई।
दिलचस्प बात यह है कि उन्हें फतेहपुर के अधिकारियों पर भरोसा नहीं था, इसलिए जांच का जिम्मा प्रतापगढ़ के अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता को सौंपा गया।

क्या बोले SDO आशीष मिश्रा?

SDO आशीष मिश्रा का कहना है कि इस मामले की शिकायत दो महीने पहले ही उच्च अधिकारियों को भेजी जा चुकी थी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच जारी है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

सीएम योगी की सख्त चेतावनी भी बेअसर!

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही साफ कर चुके हैं कि "अगर कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वतखोरी में पकड़ा जाता है, तो यह उसके परिवार की आखिरी सरकारी नौकरी होगी।"

लेकिन फतेहपुर के बिजली विभाग (UPPCL) के अधिकारियों को इस चेतावनी की कोई परवाह नहीं। यहां खुलेआम उपभोक्ताओं को लूटा जा रहा है, और शिकायत करने पर उन्हें धमकाया जाता है।


  क्या भ्रष्ट अधिकारियों पर होगी सख्त कार्रवाई, या गरीबों की लूट ऐसे ही जारी रहेगी?
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