अमेरिका का ‘लिबरेशन डे’ – ट्रम्प ने लागू किया रेसिप्रोकल टैरिफ, दुनिया भर के देशों पर असर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 2 अप्रैल को ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ लागू करने का ऐलान किया और इस दिन को ‘लिबरेशन डे’ (मुक्ति दिवस) करार दिया। व्हाइट हाउस में इस घोषणा के दौरान ट्रम्प ने कहा कि “अब अमेरिका अपने आर्थिक हितों की रक्षा करेगा”, और उन्हीं देशों पर जवाबी टैरिफ लगाया गया है, जो अमेरिकी उत्पादों पर अधिक शुल्क वसूलते हैं।
किन देशों पर कितना टैरिफ? भारत को राहत या झटका?
ट्रम्प प्रशासन के इस फैसले में चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है।
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चीन पर 34% टैरिफ
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पाकिस्तान पर 29% टैरिफ
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बांग्लादेश पर 37% टैरिफ
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भारत पर 26% टैरिफ
हालांकि, भारत को लेकर ट्रम्प ने कहा कि "भारत अमेरिका का अच्छा दोस्त है, लेकिन पहले की सरकारों ने अनुचित टैरिफ लगाया था।" ट्रम्प के मुताबिक, भारत अमेरिका से 52% टैरिफ वसूलता है, इसलिए भारत पर भी नया शुल्क लगाया गया है, लेकिन चीन और पाकिस्तान की तुलना में रुख थोड़ा नरम रखा गया है।
अमेरिकी टैरिफ से हिली दुनिया – शेयर बाजारों में उथल-पुथल
इस घोषणा के बाद वैश्विक बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिली।
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अमेरिकी और एशियाई शेयर बाजार लाल निशान में चले गए।
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कई देशों ने अमेरिका के इस कदम को "आर्थिक युद्ध" करार दिया।
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चीन, जापान, यूरोपीय संघ और दक्षिण कोरिया ने जवाबी टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है।
व्हाइट हाउस ने क्या कहा?
ट्रम्प ने कहा, "हमारा देश सालों से लूटा जा रहा था, लेकिन अब हम इसका जवाब देंगे। अमेरिका अब और नुकसान नहीं सहेगा।" उन्होंने एक चार्ट भी दिखाया, जिसमें उन सभी देशों के नाम थे, जिन पर यह नया शुल्क लगाया गया है।
देशों पर लागू टैरिफ की सूच
| देश | टैरिफ (%) |
|---|---|
| चीन | 34 % |
| यूरोपीय संघ | 20 % |
| दक्षिण कोरिया | 25 % |
| भारत | 26 % |
| वियतनाम | 46 % |
| ताइवान | 32 % |
| जापान | 24 % |
| थाईलैंड | 36 % |
| स्विट्जरलैंड | 31 % |
| इंडोनेशिया | 32 % |
| मलेशिया | 24 % |
| कंबोडिया | 49 % |
| यूनाइटेड किंगडम | 10 % |
| दक्षिण अफ्रीका | 30 % |
| ब्राजील | 10 % |
| बांग्लादेश | 37 % |
| सिंगापुर | 10 % |
| इजरायल | 17 % |
| फिलीपींस | 17 % |
| चिली | 10 % |
| ऑस्ट्रेलिया | 10 % |
| पाकिस्तान | 29 % |
| तुर्की | 10 % |
| श्रीलंका | 44 % |
| कोलंबिया | 10 % |
कनाडा और मेक्सिको को छूट क्यों?
व्हाइट हाउस ने कनाडा और मेक्सिको को कुछ छूट दी है और इसका कारण मौजूदा व्यापारिक समझौते बताए गए हैं।
क्या भारत पर असर पड़ेगा?
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भारत और अमेरिका के बीच मजबूत रणनीतिक और व्यापारिक रिश्ते हैं, जिससे उम्मीद है कि इस फैसले का लंबे समय तक असर नहीं रहेगा।
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भारत ट्रेड डील के जरिए अमेरिका से बातचीत कर सकता है, ताकि कुछ प्रावधानों को बदला जा सके।
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हालांकि, इस फैसले से भारतीय उद्योगों को चुनौती जरूर मिलेगी, लेकिन यह भारत के लिए एक अवसर भी हो सकता है।
क्या होगा आगे?
ट्रम्प के इस फैसले से वैश्विक व्यापार व्यवस्था में बड़ा बदलाव आ सकता है। अब यह देखना होगा कि क्या अन्य देश इस टैरिफ का जवाब देंगे, या कोई नया समझौता होगा? आने वाले दिनों में यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय राजनीति और अर्थव्यवस्था के केंद्र में रहेगा।
