अखिलेश बोले- तलवारें लहराने वाले BJP के सैनिकः ऐसे हिटलर भी करता था; आजमगढ़ में गैंगस्टर के घर दावत में पहुंचे सपा प्रमुख




"अगर बीजेपी को 400 सीटें मिलतीं, तो हर गली में तलवारें लहराई जातीं" — आजमगढ़ से गरजे अखिलेश यादव

आजमगढ़, उत्तर प्रदेश:
लोकसभा चुनाव 2024 की गर्माहट के बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने आजमगढ़ में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए भाजपा पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला।
अपने भाषण में उन्होंने सीधे-सीधे कहा:

"अगर बीजेपी को 400 सीटें मिल जातीं, तो देश की हर गली में तलवारें और राइफलें लहराई जातीं। आगरा जैसी घटनाएं हर शहर में दोहराई जातीं। ये लोकतंत्र नहीं, तानाशाही की ओर पहला कदम होता।"

 

भाजपा की तुलना हिटलर से — 'करणी सेना बीजेपी की निजी फौज'

अखिलेश यादव ने अपने भाषण में भाजपा की तुलना सीधे हिटलर के फासीवादी शासन से करते हुए कहा:

"हिटलर अपने समर्थकों को वर्दी पहनाकर पुलिस बनाता था। भाजपा भी वैसा ही कर रही है। आज करणी सेना जैसी संस्थाएं भाजपा की निजी सेना बन चुकी हैं। जनता को डराने और दबाने का काम जारी है।"

उन्होंने आगरा हिंसा को उदाहरण बनाकर सरकार पर सवाल उठाए कि जब सत्ता पक्ष की सरकार में ही यह सब हो रहा है, तो 400 सीटें मिलने पर ये ताकतें देश को किस अंधकार में ले जातीं?


'PDA परिवार' ही लोकतंत्र की असली ढाल है — अखिलेश का एलान

अखिलेश यादव ने PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) परिवार को लोकतंत्र की असली ताकत बताते हुए कहा:

"आजमगढ़ की धरती ने हमेशा संविधान बचाने वालों को खड़ा किया है। यहां की जनता संघर्ष की प्रतीक है। PDA परिवार ही इस देश के लोकतंत्र की असली ढाल है, और हम इसकी ताकत को एकजुट कर आगे ले जाएंगे।"

उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर को याद करते हुए कहा कि यह लड़ाई सिर्फ सत्ता की नहीं, सामाजिक न्याय और बराबरी की है।


पुलिस हिरासत में मौत पर भड़के अखिलेश — 'थाने में मर्डर, सरकार खामोश!'

अखिलेश यादव ने हाल ही में आजमगढ़ के एक थाने में युवक की संदिग्ध मौत पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा:

"एक युवक की थाने के बाथरूम में मौत हो जाती है और आज तक कोई जवाबदेही तय नहीं होती। योगी सरकार निवेश की बात कर रही है, लेकिन जो सरकार ज़मीन तक तय नहीं कर पा रही — वो किसे बुला रही है?"


विवादों से घिरे परिवार के वलीमा में पहुंचे अखिलेश — उठे सवाल

चुनावी भाषण के बाद अखिलेश यादव, हाजी अब्दुल कलाम के बेटे मोहम्मद सादिक के वलीमा में शरीक हुए।
लेकिन मीडिया की नजर परिवार के गैंगस्टर कनेक्शन पर भी टिक गई।

क्या है विवाद का इतिहास?

  • 2021 में मोहम्मद राशिद पर एक युवक की पिटाई और जान से मारने की धमकी का केस दर्ज हुआ।

  • 2015 में थाने में गिरफ्त में आए आरोपी को छुड़ाने के लिए 100 लोगों की भीड़, जिसमें राशिद और फहद भी शामिल।

  • 2022 में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई।

  • 2023 में वायरल फोटो में दरोगा और सिपाही के साथ खड़े दिखे आरोपी — जिसके बाद दोनों पुलिसकर्मी सस्पेंड हुए।



  • हाजी अब्दुल कलाम के 4 बेटे हैं। इनमें दो बेटे मोहम्मद राशिद और मोहम्मद फहद गैंगस्टर हैं। साल 2021 में पीड़ित शाहबाज कमर ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि मोहम्मद राशिद ने अपने 3 साथियों के साथ मिलकर मुझे और मेरे भाई सरफराज कमर को पीटा। मेरी कार को तोड़ दी थी। गांव में दिखने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। इस मामले में आरोपी मोहम्मद राशिद, मोहम्मद फहद और एक अन्य भाई पर मुकदमा दर्ज किया गया था।


    इससे पहले साल 2015 में पुलिस कस्टडी से शीशम का पेड़ काटने के आरोपी रहे मोहम्मद मुकीम को छुड़ा ले जाने के मामले में 100 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। तत्कालीन थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार सिंह ने आरोप लगाया था कि मोहम्मद राशिद और मोहम्मद फहद समेत करीब 100 लोग लाठी-डंडे और बल्लम लेकर थाने आए। ये लोग शीशम का पेड़ काटने के आरोपी मोहम्मद मुकीम को लॉकअप से छुड़ाकर ले गए थे।


    इसी मुकदमे के आधार पर जनवरी, 2022 में आजमगढ़ के SP रहे अनुराग आर्य ने 12 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। उनमें मोहम्मद फहद और मोहम्मद राशिद भी शामिल था।

  • गंभीरपुर थाने के सब-इंस्पेक्टर रहे मदन कुमार गुप्ता और सिपाही शुभम सिंह को 17 नवंबर, 2023 को उस समय के SP अनुराग आर्य ने सस्पेंड कर दिया था। इन दोनों पुलिसकर्मियों पर गैंगस्टर मोहम्मद राशिद के घर जाकर फोटो खिंचवाने का आरोप था। फोटो सामने आने पर इसकी जांच फूलपुर के तत्कालीन CO अनिल कुमार वर्मा ने की थी। जांच में सामने आया था कि दोनों पुलिसकर्मी दीपावली की बधाई लेने गैंगस्टर के घर गए थे।


    8 महीने पहले आए थे अखिलेश


    आजमगढ़ की 10 विधानसभा सीटों पर सपा के विधायक जीते हैं। इसके साथ ही आजमगढ़ की दोनों लोकसभा सीटों पर भी सपा का ही कब्जा है। आजमगढ़ को सपा अपना गढ़ मानती है। अखिलेश यादव 8 महीने पहले आजमगढ़ आए थे। अगस्त, 2024 में लालगंज में आयोजित एक निजी कार्यक्रम में उन्होंने हिस्सा लिया था।



Interactive Reaction Box
इस आर्टिकल/वीडियो के बारे में आपका क्या ख्याल है?
0 Dislikes
राजेश कुमार
यह आर्टिकल बहुत अच्छा है! मुझे इसकी जानकारी पसंद आई।
👍 5 लाइक्स | 💬 3 रिप्लाई
सिमरन शर्मा
मुझे तो यह आर्टिकल थोड़ा विवादास्पद लगा, लेकिन इसे पढ़ने में मजा आया।
👍 3 लाइक्स | 💬 1 रिप्लाई

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने