सपा MLA बोले- देवी-देवताओं में ताकत नहीं: राम का नारा लगाने से कुछ नहीं होगा, जय भीम का नारा लगाओ



सपा विधायक इंद्रजीत सरोज का तीखा हमला: "राम का नारा लगाने से कुछ नहीं होगा, जय भीम बोलो तभी आगे बढ़ोगे"

कौशांबी: अंबेडकर जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में सपा के राष्ट्रीय महासचिव व विधायक इंद्रजीत सरोज ने अपने fiery भाषण से सियासी हलचल मचा दी। उन्होंने देवी-देवताओं की ताकत पर सवाल उठाते हुए कहा कि –

"अगर मंदिरों में सचमुच ताकत होती, तो महमूद गजनवी, मोहम्मद गोरी और कासिम जैसे हमलावर इस धरती पर पैर नहीं रख पाते!"

उन्होंने कहा कि आज असली ताकत सत्ता के मंदिर में है, जिसे "बाबाओं की हुकूमत" चला रही है। कुछ लोग "राम का नारा लगाकर" जनता को गुमराह कर रहे हैं, जबकि "जय भीम" का नारा ही समाज को न्याय और बराबरी दिला सकता है।

"राम नहीं, जय भीम बोलो – तभी मिलेगा हक और पहचान"

इंद्रजीत सरोज ने कहा:

"मैं ‘जय भीम’ के नारे पर पाँच बार विधायक और एक बार मंत्री बना। राम के नाम पर सत्ता में बैठे लोग सिर्फ ड्रामा कर रहे हैं – हेलिकॉप्टर में घूमकर जनता को मूर्ख बना रहे हैं।"

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देवी-देवताओं की शक्ति पर सवाल – गजनवी 17 बार लूटा और...

उन्होंने कहा कि अगर हमारे देवी-देवताओं में इतनी शक्ति होती, तो महमूद गजनवी अफगानिस्तान से आकर सोमनाथ मंदिर को 17 बार लूट नहीं पाता। मुस्लिम आक्रांताओं को श्राप देना था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।

तुलसीदास और मायावती पर भी विवादित टिप्पणी

सरोज ने कहा कि तुलसीदास ने लिखा कि –

"अगर कोई नीच जाति का व्यक्ति पढ़-लिख जाए, तो वह ऐसे है जैसे साँप दूध पी जाए – और ज्यादा ज़हरीला हो जाए।"

उन्होंने यह भी जोड़ा कि तुलसीदास ने अकबर के दौर में कुछ भी मुसलमानों के खिलाफ नहीं लिखा, शायद वो डर गए थे।

"मायावती ने दलित समाज को बर्बाद कर दिया"

करछना में दलित युवक को जिंदा जलाए जाने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सरोज ने मायावती पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा –

"दलित जलाया गया, लेकिन मायावती एक बार भी वहां नहीं पहुंचीं। उन्होंने समाज को बर्बाद किया और आज करणी सेना खुलेआम समाजवादी नेताओं को गालियाँ दे रही है, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही।"

गरीबी में घिरे दलित परिवार – बेटियों को बेचने को मजबूर!

सरोज ने कहा कि आज दलित समाज का गरीब व्यक्ति अपनी बेटियों को बेचने को मजबूर है। शादी तक के पैसे नहीं हैं। अगर हालात न बदले, तो भविष्य और भी अंधकारमय हो जाएगा।


(यह रिपोर्ट स्वतंत्र पत्रकारिता के तहत तैयार की गई है। किसी विशेष दल या विचारधारा का समर्थन नहीं किया गया है।)

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राजेश कुमार
यह आर्टिकल बहुत अच्छा है! मुझे इसकी जानकारी पसंद आई।
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सिमरन शर्मा
मुझे तो यह आर्टिकल थोड़ा विवादास्पद लगा, लेकिन इसे पढ़ने में मजा आया।
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