प्रयागराज में दलित युवक को जिंदा जलाया : इंसाफ की मांग पर भड़की भीड़, प्रशासन ने चलाया बुलडोजर



प्रयागराज में दलित युवक की नृशंस हत्या: इंसाफ की मांग पर भड़की भीड़, प्रशासन ने चलाया बुलडोजर

By UP Live News | Updated: 15 अप्रैल 2025

प्रयागराज, उत्तर प्रदेश: एक बार फिर यूपी के प्रयागराज से आई खबर ने रूह कंपा दी। 35 वर्षीय दलित युवक देवी शंकर को कुछ दबंगों ने मजदूरी से इनकार करने पर न केवल पीटा, बल्कि जिंदा जला दिया

यह घटना करछना तहसील के इसौटा गांव में 12 अप्रैल को घटी, जहां खेत में ले जाकर युवक की हत्या की गई।

मासूम परिवार की टूटती दुनिया

देवी शंकर तीन बच्चों का पिता था, पत्नी की मौत पहले ही हो चुकी थी। 12 अप्रैल की शाम को कुछ लोग मजदूरी के नाम पर उसे खेत में ले गए, और अगली सुबह उसकी अधजली लाश मिली।

गांववालों का कहना है कि ये हत्या जातिगत घृणा और दबंगई का नतीजा है।

गांव में गुस्से का विस्फोट


13 अप्रैल की सुबह ग्रामीणों ने शव उठाने से मना कर दिया। सड़कों पर प्रदर्शन शुरू हो गया। लोग 7 करोड़ का मुआवजा, सरकारी नौकरी और बुलडोजर एक्शन की मांग कर रहे थे।

प्रशासन ने देर रात दबाव में अंतिम संस्कार कराया, जिससे भीड़ और भड़क उठी।

नेताओं की एंट्री और माहौल गर्म

14 अप्रैल को कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह और अजय राय पहुंचे तो भीड़ ने रास्ता रोक लिया। गांव हनुमान मोरी में 2 घंटे तक बवाल चलता रहा।

पुलिस ने अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन मुख्य आरोपी छुट्टन सिंह फरार है

बुलडोजर चला, लेकिन इंसाफ अधूरा

प्रशासन ने आरोपियों के कब्जे वाले खेत पर बुलडोजर चलाया है। लेकिन सवाल है – क्या इतना काफी है?

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परिवार की चीख और गांव की गवाही

पिता अशोक कुमार और भतीजे राहुल का कहना है – “हमारे बेटे को जिंदा जलाया गया, हम कैसे भूल जाएं?”

अजय राय का तीखा बयान

“अगर दलितों की रक्षा नहीं कर सकते तो योगी जी मठ वापस जाएं।” – अजय राय

डॉ. अंबेडकर जयंती से एक दिन पहले दलित युवक की नृशंस हत्या – ये सिर्फ एक मर्डर नहीं, जातिवादी हिंसा का आईना है

सवाल जो आज हर दिल में हैं:

  • क्या दोषियों को फांसी मिलेगी?
  • क्या परिवार को वाकई इंसाफ मिलेगा?
  • क्या दलित आज भी सुरक्षित हैं?

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