यूपी में बिजली फिर महंगी: अप्रैल से बढ़ चुकी है 1.24% दर, उपभोक्ता बोले – "33 हजार करोड़ का हिसाब दो!"
उत्तर प्रदेश के 3.5 करोड़ से अधिक बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक नई परेशानी सामने आई है। अप्रैल महीने से उन्हें अपने बिजली बिल में 1.24% अतिरिक्त राशि चुकानी पड़ेगी। यह बढ़ोतरी ईंधन लागत समायोजन शुल्क (FCA) के तहत लागू की गई है।
अब हर महीने बदलेगा बिजली बिल का गणित
बिजली विभाग के अनुसार, अब से ईंधन अधिभार शुल्क हर महीने अलग-अलग होगा, जो पेट्रोलियम ईंधन की कीमतों के आधार पर तय किया जाएगा। पहले यह शुल्क स्थायी होता था, लेकिन अब उपभोक्ताओं को हर महीने नई दर के हिसाब से भुगतान करना होगा।
उपभोक्ता परिषद का सवाल – "आख़िर 33 हजार करोड़ गए कहाँ?"
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने बिजली निगम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है:
“बिजली निगम ने उपभोक्ताओं के 33 हजार करोड़ रुपये जमा कर रखे हैं, लेकिन अब तक न तो उसका हिसाब दिया गया, न ही पारदर्शिता दिखाई गई। जब तक जवाबदेही नहीं होगी, तब तक इस तरह से बोझ डालना गलत है।”
जलता-बुझता बल्ब: बिजली संकट की प्रतीकात्मक झलक
बिजली संकट की असल तस्वीर दिखाता एक सिंपल लेकिन गहरा संदेश देता यह बल्ब एनीमेशन — जैसे आम जनता की उम्मीदें बार-बार जलती और बुझती हैं।
